♥️🙏🌹आरती श्रीमद्भगवत पुराण की♥️🙏🌹
आरती अति पावन पुराण की।
धर्म भक्ति विज्ञान खान की ।
महा पुराण भागवत निर्मल।
शुक-मुख-विगलित निगम कल्प कल।
परमानन्द सुधा रसमय फल।
लीला रति यह रस निधान की।
कलिमल - मथनि त्रिताप - निवारिणी ।
जन्म मृत्यु भव-भय हारिणी ।
सेवत संत सकल सुख कारिणी।
महौषधि हरि चरित्र गान की।
विषय विलास विमोह विनाशिनी ।
विमल विराग विवेक विकासिनी।
भगवत तत्व- रहस्य विकासिनी।
परम ज्योति परमात्म ज्ञान की।
परमहंस-मुनि मन उल्लासिनी।
रसिक हृदय रस रास-विलासिनी।
भुक्ति-मुक्ति-रति-प्रेम सुदासिनी।
कथा अकिंचन-प्रिय सुजान की।
♥️🙏🌹जय हो कृष्ण जी की ♥️🙏🌹
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