♥️🙏🌹आरती श्री रामचंद्रजी♥️🙏🌹
आरती कीजे श्री रामचंद्र की।
दुष्टदलन सीतापति जी की ।।
पहली आरती पुष्पन की माला,
काली नाग नाथ लाये गोपाला।।
दूसरी आरती देवकी नंदन,
भक्त उबारन कंस निकन्दन॥
तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे, •
रत्न सिंहासन सीता राम जी सोहे ॥
चौथी आरती चहुं युग पूजा,
देव निरंजन स्वामी और न दूजा ॥
पांचवीं आरती राम को भावे,
रामजी का यश नामदेवजी गावें।
♥️🙏🌹सियापति राम जी की जय ♥️🙏🌹
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