Arti shri goverdhan ji ki, गोवेर्धन जी की आरती





                 ♥️🙏🌹आरती श्री गोवर्धनजी की♥️🙏🌹


 श्री गोवर्धन महाराज महाराज

तेरे माथे मुकुट विराज रहो ।

तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े

और चढ़े दूध की धार, ओ धार।

तेरे कानन में कुंडल सोहे,

 तेरे गले वैजन्ती माल।

तेरी सात कोस की परिकम्मा,

तेरी दे रहे नर और नार।

तेरे जतीपुरा में दूध चढ़त है,

तेरी हो रही है जय-जयकार |

तेरे मानसी गंगा बहे सदा

 तेरी माया अपरम्पार ।

ब्रज मंडल जब डूबत देखा,

 ग्वाल बाल जब व्याकल देखे।

 लिया नख पर गिरवरधार।

वृंदावन की कुंज गलिन में,

वो तो खेल रहे नंदलाल ।

'चंद्र सखी' भजवाल कृष्ण छवि,

 तेरे चरणों पै बलिहार ।



         ♥️🙏🌹 गोवेर्धन वाले कृष्ण मुरारी की जय ♥️🙏🌹


 

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