Arti bhairav ji ki, भैरव जी की आरती




                   ♥️🙏🌹आरती श्री भैरव जी की♥️🙏🌹


 जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा,

 जय काली और गौरा देवी करत हैं सेवा ||

 तुम्हीं पाप उद्धारक, दुःख सिन्धु तारक,

भक्तों के सुखकारक, दीपक वसु धारक ||

 वाहन श्वान विराजत, कर त्रिशूल धारी,

महिमा अमित तुम्हारी, जय जय भयहारी॥

तुम बिन देवा पूजन, सफल नहीं होवे,

चौमुख दीपक, दर्शक दुःख खोवे॥

 तेल चटकि दथि मिश्रित, माषाबली तेरी,

कृपा कीजिए भैरव, करिए नहीं देरी ॥

 पांव घुंघरू बाजत डमरु डमकावत,

बटुकनाथ बन बालक, तन-मन हरषावत॥ |

 बटुकनाथ की आरती, जो कोई नर गावे, |

कहे धरणीधर नर, मनवांछित फल पावे ||


                ♥️🙏🌹 जय हो भैरव की ♥️🙏🌹


 

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